ड्रोन नियम · भारत
भारत
भारत में ड्रोन नियम, 2021 लागू हैं। नैनो श्रेणी (250 ग्राम तक) को छोड़कर हर ड्रोन का DigitalSky पर पंजीकरण और विशिष्ट पहचान संख्या (UIN) अनिवार्य है। हवाई क्षेत्र का नक्शा हरे, पीले और लाल क्षेत्रों में बँटा है: हरे क्षेत्र में 400 फ़ीट (120 मीटर) तक बिना अनुमति, पीले में अनुमति के साथ, लाल में उड़ान वर्जित। नैनो और गैर-व्यावसायिक माइक्रो को छोड़कर उड़ाने के लिए रिमोट पायलट प्रमाणपत्र चाहिए।
मुख्य बातें
- पंजीकरण
- नैनो (250 ग्राम तक) को छोड़कर सभी ड्रोन: DigitalSky पर UIN। ड्रोन पर UIN अंकित हो
- श्रेणियाँ
- नैनो ≤250 ग्राम, माइक्रो ≤2 किग्रा, स्मॉल ≤25 किग्रा, मीडियम ≤150 किग्रा, लार्ज
- क्षेत्र
- हरा: 400 फ़ीट तक बिना अनुमति। पीला: हवाई यातायात नियंत्रण की अनुमति। लाल: उड़ान वर्जित
- पायलट प्रमाणपत्र
- रिमोट पायलट प्रमाणपत्र (RPC) DGCA-अनुमोदित संस्थान से; नैनो और गैर-व्यावसायिक माइक्रो के लिए ज़रूरी नहीं
- टाइप सर्टिफ़िकेट
- नैनो और मॉडल ड्रोन को छोड़कर ड्रोन का टाइप सर्टिफ़िकेट आवश्यक
- विदेशी नागरिक
- नियम अलग हैं; DGCA से पुष्टि करें
उड़ाने से पहले
- 1DigitalSky पर ड्रोन पंजीकृत करें और UIN प्राप्त करें
- 2ज़रूरत हो तो रिमोट पायलट प्रमाणपत्र लें
- 3DigitalSky के हवाई क्षेत्र नक्शे पर उड़ान स्थल का रंग देखें
- 4पीले क्षेत्र में अनुमति लें; लाल में न उड़ाएँ
- 5हरे क्षेत्र में 400 फ़ीट से नीचे, दृष्टि-सीमा में उड़ाएँ
स्रोत
प्राधिकरण:नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ↗
यह एक सारांश है, नियमों का पाठ नहीं। नियम बदलते रहते हैं; उड़ाने से पहले DGCA और DigitalSky पर पुष्टि करें।अंतिम जाँच: 2026-09-26